Wednesday, January 27, 2010

मीडिया में यौनाचार -----2

अखिलेश अखिल


मीडिया में यौनाचार की दूसरी किस्त लिखने से पहले कुछ पत्रकार भाइयो हे संदेह को दूर करना चाहूंगा। सबसे पहली बात तो ये है की इस तरह के आलेख किसी को जानबूझ कर मर्माहित करने के लिए नहीं लिखा जा रहा है। यह बदलते परिवेश के लिए जरूरी है। दूसरी बात ये है की कई साथी लोग कह रहे है की अगर आपसी रजामंदी के साथ यौनाचार होता है तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। ऐसे लोगो को यह भी सोचना चाहिए की हम सार्ब्जानिक जीवन जीने वाले लोग है और ऐसे में हमें अपने नियत,ईमान,समाज के प्रति कमिटमेंट को नहीं भूलना चाहिए। हमारा काम केवल समाज को सुचना देने तक ही नहीं है ,समाज को रास्ता दिखाना भी है। फिर ओह महिला जो पैसे ले देकर अपना तन बेचती है उसे तो हम वेश्या कहते है । जबकि ओह महिला भी आपसी रजामंदी से ही सबकुछ करती है। दरअसल मीडिया में आज जो कुछ हो रहा है उसके पीछे रजामंदी कम बेवसी , लाचारी, और तेजी से आगे बढ़ने की बात है। और अपने पद के दुरूपयोग और पत्रकारिता के मानमर्दन करने की बात है। संस्थान हमें पत्रकारिता करने के लिए पैसे देता है न की अपने शारीर की भूख मिटाने के लिए। आज पत्रकारिता में जो गिरावट आयी है उसके कई कारणों में एक महत्वपूर्ण कारन येही है। तीसरी बात यह है की हम जानते हुए रंद्दीवाज पत्रकारों का नाम नहीं दे रहे है । इनकी दुनिया को हम बर्बाद करना नहीं चाहते। जरूरत पड़ने पर हम उनका नाम भी आपके सामने रख सकते है। हम ऐसे लोगो की आँखे खोलना चाहते है जो यह समझ रहे है की उनकी करतूत को तो तो तो।

तो ये किस्से है दक्षिण के राज्यों के जहा पिछले २० सालो में मीडिया का प्रसार खूब हुआ है। प्रिंट और चैनेल से ये राज्य पते पड़े है।यहाँ एक से एक दिग्गज पत्रकार है और उनकी पत्रकारिता से उत्तर के लोगो को भी बहुत कुछ मिला है। अब यहाँ हिंदी भाषी भी काम कर रहे है और अपनी चाप भी छोड़ रहे है। लोग फिल्म के प्रेमी है और इसका असर मीडिया पर भी पड़ा है। जरा हैदराबाद की जानकारी तो ले। यहाँ एक फिल्म नगरी भी है और देश का प्रतिष्ठित मीडिया हाउस भी। इस प्रतिष्ठित मीडिया हाउस में एक मार्केटिंग के आदमी ने कई लड़कियो को बर्बाद कर रखा है। यह आदमी मार्केटिंग के दंभ पर एडिटोरिअल में भी दखल रखता है और महिला पत्रकारों को अपनी उंगली पर आज भी नचाता फिरता है। कोई नौ महिला पत्रकारों और तिनमहिला एंकरों के साथ ये अपना भाग्य आजमा चुके है। एक महिल्ला पत्रकार ने जब इसके खिलाफ आवाज़ उठाने की कोशिस की तो उसे जान से मारने की धमकी तो मिली ही , उसे नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा। इस चैनेल की सखाए कई राज्यों में है। इसी चैनेल की एक एंकर ने एक नै एंकर को नौकरी दिलाने के लिए पहले अपने इसी बॉस के पास लाइ । उस लड़की चार दिनों तक बुलाया गया । जब मामला काम सूत्र तक नहीं पहुचा तो उसे नौकरी नहीं दी गयी । यह लड़की आजकल डेल्ही में है और एक रीजनल चैनेल में काम कर रही है। आपको बता दे हैदराबाद के उस चैनेल में मार्केटिंग का वोह आदमी आज भी अपनी आदत से बाज नहीं आ रहा है। इसी सहर के एक दुसरे चैनेल में काम कर रही दो महिला पत्रकारों के साथ इनके बॉस ने भरपूर आनद उठाया। एक लड़की से तो बॉस ने साडी करने तक की बात की लेकिन साडी नहीं हुयी । इसकी जानकारी संस्थान के अन्य लोगो को भी लगी.लेकिन मामला नहीं सुलझा। आज ओह लड़की एक स्थानीय अखवार में काम कर रही है। यही के एक तेलगु में निकलने वाले अखवार दो पत्रकार एक लड़की को पत्रकार बनाने के लिए उत्तराखंड के तेहरी में लाया था। बेचारी महिला पटकार तो नहीं बनी । दोनों पत्रकार भाई और तेहरी डैम के एक ठीकेदार ने उसकी अस्मत लूट ली। यह लड़की भद्राचलम में एक अखवार में है। इसी शहर में एक सबसे तेज रेजिनल चैनेल के दावेदार पत्रकार ने एक एंकर के साथ ही ओह सब कुछ किया जो अपनी पत्नी के साथ किया जाता है। ओह महिल्ला पत्रकार बाद में गर्भवती हो गयी और बात खुलने से पहले ही पत्रकार महोदय मुंबई पहुच गए। ये महोदय एक रास्ट्रीय चैनेल में काम कर रहे है। आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रसारित एक पत्रिका के सम्पादक महिलाओं के ख़ास प्रेमी है। कहते है उन्हें प्रकृति से ज्यादा लगाव है। इस सम्पादक महोदय अपनी यात्रा में एक मिस्ट्रेस लेकर चलते है। ये महाराज आज कल डेल्ही में है और अभी भी दो बालाओं के साथ है। आदिलाबाद से निकलने वाले एक अखवार के सम्पादक अपनी निजी सचिव के साथ ही रहते है और इसे लेकर संपादक जी की पत्नी कानूनी करवाई करने को तैयार है।

उधर बगलोर में और चेन्नई में मीडिया में यौनाचार की कई घटनाएं सामने आयी है। बंगलौर से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक के बुजर्ग पत्रकार ने एक लड़की को पहले नौकरी दी फिर उसके साथ मनोरंजन करना चाहा। लड़की के मना करने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया। कनार अखवार के दो महिला पत्रकारों के बारे में चर्चा है की एक मालिक के साथ तो दूसरी संपादक के साथ मिलकर पुरे संस्थान को नचाती है। अभी हाल में ही चेन्नई के एक पत्रकार ने साथी महिला पत्रकार के साथ उसे आगे बढाने के लिए कुछ सक्रिफिस करने को कहा तो लड़की ने उसकी पिटाई कर दी। मामला एक तमिल चैनेल का है। यह चैनेल यहाँ सबसे ज्यादा देखा जाता है। चेन्नई के ही आज से दो साल पहले केरल के कोटायम में रंद्दीवाजी करते पकडे गए थे। इनमे से एक पत्रकार डेल्ही के बड़े अखवार में है। ये महोदय यहाँ दक्षिण भारतीय नेतायो से मिलकर दलाली भी खूब कर रहे है।

हमें देश की पत्रकारिता पर गर्व है। हमें उन महान पत्रकारों के साथ ही आज के दौर में बेहतर काम करने वाले सभी पत्रकारों पर नाज है जो आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहे है। अभी भी रंद्दीवाजो और भ्रस्त पत्रकारों की संख्या का है ,जरूरत है इसे ख़त्म करने की। अनैतिक लोग कभी भी समाज को कुछ दे नहीं सकता। जारी है ------

3 comments:

  1. बहुत सटीक आलेख सहमत हूँ आपसे.......

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  2. baat to sahi hai...maine aise kai example dekhe hain par us level par nahi jiski aap baat kar rahe hain, chhed chhad aur gandi nazrein to har jagah maujood hain

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  3. akhilesh ji kaise hain.nice post.maine aapka Etv ka programme dekha tha.aapne bahut achcha perform kiya.

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