Friday, January 29, 2010

मीडिया में यौनाचार ------3




अखिलेश अखिल




मै पिछले दो सालो से मीडिया पर गंभीरता से काम कर रहा हूँ बदलती मीडिया की तस्वीर,इसके बाज़ार, इसमें आने वाले लोग, पत्रकारिता की नई शिक्षा दीक्षा ,पाठक को खबर देने के बजाय उसे बाजार तक ले जाने की निति , गाली गलौज की नई परिपाटी और पत्रकारिता के नाम पर दलाली और सेक्सुअलिटी जैसे मुद्दों पर इन दो सालो में काफी जानकारिया मिली इन पर आगे कई जानकारिया आप को दी जायेगी मीडिया में यौनाचार की बात सिर्फ दो किस्तों में लिखना चाहता था , और वह भी दर कर महिलाए हमारी माँ बहने है और इनकी बुराई लिखना अपनी संस्कृति को धोखा देने के सामान है फिर भी ऐसी चलन पर थोड़ी रोक लगे, कुछ अनुभव लिखने का साहस कर बैठा आप सबो को भले ही इस लेखन को पढ़ने में अछा या बुरा लगता हो , लेकिन मै जो झेल रहा हूँ कह नहीं सकता आलम ये है की हमारे पास हर रोज हर राज्यों की दर्जनों ऐसी जानकारिया मिल रही है और दूसरी तरफ कई तरह की गालिया भी दो दर्जन से भी ज्यादा लोगो ने मुझे गालिया दी है और बता देने की बात कही है जबकि मै किसी का नाम तक नहीं दे रहा हूँ संस्थान का भी नाम नहीं दे रहा हूँ लेकिन ऐसे में ही कुछ अजीज मित्र है जो हमें इस गंदगी पर लिखने को बाध्य का रहे है अब मेरे पास काफी जानकारिया भी गयी है और लगता है की यह किस्त कुछ और आगे चलेगा डेल्ही ,मुंबई, उत्तरप्रदेश और पंजाब पर काफी मसाला है आप जानेंगे यहाँ का भी हाल ,लेकिन अभी थोड़ी जानकारी लेते है हिंदी पत्रकारिता के गढ़ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बारे मेंकहने का मतलब ये है की पहले भी पत्रकारों के सम्बन्ध महिलाओं से होते थे , लेकिन इन संबंधो का पत्रकारिता पर कोई असर नहीं पड़ता थाआज ऐसे संबंधो का असर मीडिया पर पर रहा हैहमारे यहाँ तमाम काबिल महिला पत्रकार रही है और आज भी है ,लेकिन इतना तय है की आज अधिकतर पुरुष पत्रकार महिलाओं को अपने स्वार्थ के लिया जोड़ रहे हैऔर इसका असर पत्रकारिता के माहौल पर पडा हैभोपाल केकम से कम दो हाउस में दर्जन भर जिन लडकियो को जगह दी गयी है उनमे लड़किया तो केवल बी ये पास हैऔर ये महिलाए दो कामुक पत्रकार की कृपा से आयी हैबाद में एक पत्रकार हटा दिया गएइनपर छेड़खानी का आरोप लगाआजकल बिलासपुर में कुछ कर रहे है। s




मध्यप्रदेश के कई महान पत्रकारों ने सिर्फ हिंदी वल्कि इंग्लिश पत्रकारिता में देश को नई दिशा देने का काम किया है इनमे कुछ तो हमें छोड़ कर चले गए और कुछ आज भी स्थानीय स्टर से लेकर डेल्ही तक पत्रकारिता को एक नई दिशा देने में लगे है इन सब पर हमें गर्व है लेकिन हम भोपाल के उस महान बड़े पत्रकार को क्या कहे जो अपनी बेटी सामान महिला पत्रकार के साथ हर रोज साथ बिताना ज्यादा पसंद करते है कहते है की इस महोदय की राज्य सरकार में खूब चलती है और कोई काम करने के बदले महिला पहले और रुपया बाद में लेते है भोपाल के एक बड़े अखवार के एक समाचार संपादक अपने एक महिला सहचरी के घर तक पहुच जाते है एक बार ये महोदय सहचरी लेकर जा रहे थे की रास्ते में ही इनकी पत्नी मिल गयी भरे रस्ते में पत्नी सब गर्मी उतार दी और उस लड़की देख लेने की धमकी दी उस लड़की को इसी महासे ने काम दिया था भोपाल की उस लड़की को कौन नहीं जानता जो देखने में तो सावली है , लेकिन मालिक तक इसपर फ़िदा है कई संस्करणों वाले इस अखवार से अबतक लोगो की नौकरी इस के चलते चली गयी है इसी शहर में तालाब के पास से कई अकवार निकलते है तिन लड़किओ की सिकायत है की उन्हें इन छोटे संपादको ने नहीं छोड़ा और विज्ञापन लाने के नाम पर उसके साथ भी जाने को कहा इनमे से एक लड़की आज दूकान पर काम करती है और दो लड़की पन्ने के एक अखवार में इसी भोपाल में एक पत्रिका के मालिक सम्पादक कितनी लड़किओ को बर्बाद किया कहना मुस्किल है और ये लडकिया कई पत्रकारों की नौकरिया खा गयी जबल पुर के एक पत्रकार ने तो दो लड़की को नौकरी देने के नाम पर उससे पैसे भी लिए और उसे बर्बाद भी किया भोपाल में एक केबल टी वी में काम करने वाली चार लड़कियों के साथ वह सब किया गया जिसके लिए वह तैयार नहीं थी और यह सब मात्र १००० रूपए को बढ़ाकर किया गया एक रास्ट्रीय चैनेल के ब्यूरो चीफ को एक लड़की ने अपने प्रोमोसन के सब कुछ देने की बात कही इनकार करने पर उस लड़की ने पत्रकार पर बलात्कार का आरोप तक लगा दिया भोपाल की दो महिला पत्रकार ने हमें बताया की एक बड़े पत्रकार ने उसे सिवनी चलने को कहा वह चली गयी रात में पत्रकार साहब ने अपनी इक्षा बताई तो वह राजी नहीं हुई और दुसरे दिन उसे निकाल दिया गया कहते है इस पत्रकार के पास करोडो की सम्पति है इंदौर में एक चैनेल के वरिस्ट पत्रकार सतना की एक महिला पत्रकार के स्टिंग आपरेशन के लिए ले गया बाद में उस लड़की की सी दी बनाकर ब्लाक्मैल करने लगा ये लड़की आज एक अखवार में है ग्वालियर के सम्पादक जी सिर्फ नई लड़कियों को ही नौकरी देते है ये महोदय लड़कियों के साथ डेल्ही भी आते जाते है सागर के एक चैनेल के स्ट्रिन्गेर ने एक लड़की को नौकरी दिलाने के नाम पर पहले खुद उसका शोषण किया बाद में एक छोटे अखवार में उसे सबकुछ करने की शर्त पर नौकरी मिली बाद में ये लड़की हट गयी




छत्तीसगढ़ में नौकरी के नाम पर शारीरिक शोषण के मामले कुछ ज्यादा ही है। रायपुर से लड़कियों की शिकायेते हमें मिली है रायपुर से चल रहे एक चैनेल का हवाला देते हुए तिन लड़किओ ने कहा है की मीडिया के प्रति उनके मन में जो भ्रम था यहाँ जाकर समाप्त हो गया उस चैनेल में तिन हरामी किस्म के लोग थे जिन्होंने कई को बर्बाद किया खबर क्या बन रहा है के बहाने अपने काबिन में बुलाकर गलत बात करते थे इसी तरह की एक लड़की ने जानकारी दी है की पहले वह अखवार में काम करने गयी थी मालिक ही सम्पादक था एक महीने के भीतर उसकी सैलरी बढ़ा दी गयी और गलत काम के लिए बाध्य किया गया नौकरी छोरनी पड़ी एक लोकल चैनेल में गयी तो इनपुट हेड देर साम तक रोकता थाएक दिन उसने तो उसने हद ही कर दी --- और मुझे निकाल दिया गया रायपुर में एक बूढ़े पत्रकार की लड़की प्रेम जगजाहिर है बिलासपुर के बड़े अखवार में छोटे काले कद के एक पत्रकार को दारु और लड़की साथ साथ चाहिय होता है ये सज्जन अभी तक दर्जनों लड़किओ को मीडिया में ब्रेक दे चुके है ऐसे में हम कह सकते है की मीडिया में संस्कारहीनता बढती जा रही है और पत्रकारिता को एक निजी सेवा के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है और अगर ऐसा नहीं है तो वह आदमी आज तक रायपुर के उस चैनेल में क्यों है जिसे लिखने पढ़ने से कोई मतलब नहीं इस पत्रकार के बारे में कहा जाता है की यह ऊपर के लोगो को खुश रखने की कला जानती है इसी शहर के एक और रीजनल चैनेल के दो प्रमुख लोगो परकई लड़कियों के साथ सम्बन्ध रखने के आरोप है देश के कई भागो में यह चैनेल चलता है जारी--

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