Saturday, February 4, 2012

'मेरे दामन पर कोई दाग नहीं'

राष्ट्रवादी जन क्रांति पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह सूबे के विधानसभा चुनाव में कुछ अलग कर गुजरने की तैयारी में हैं। आप इसे चुनावी खेल भी कह सकते हैं, लेकिन इतना तय है कि जिस वोट की राजनीति सूबे में भाजपा करती रही है, उस वोट को बांटने की पूरी तैयारी कल्याण सिंह ने इस बार कर दी है। सूबे के 250 से ज्यादा सीटों पर राष्ट्र्वादी जन क्रांति पार्टी ने अपने उम्मीदवार खड़े कर कई दलों के लिए मुसीवत तो पैदा की ही है, भाजपा के सामने कई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। चुनावी राजनीति के भंवर जाल में फंसे तमाम दलों के बीच राष्ट्रवादी जन क्रांति पार्टी क्या कर रही है, इस पर कल्याण सिंह से अखिलेश अखिल ने दूरभाष पर बातचीत की। पेश है, बातचीत के अंश-

इस चुनाव में कल्याण सिंह कहां खड़े हैं?

-हम जिस धारा और विचार के साथ खड़े थे, वहीं हैं। कई पार्टियां वक्त के साथ बदलीं, उनसे जुड़े लोग बदले, लेकिन न तो हम बदले और न हमारी पार्टी। सरकार बनाने और सरकार बिगाड़ने के अपने गणित हो सकते हैं, लेकिन अगर किसी पार्टी और व्यक्ति की विचारधारा ही क्लियर नहीं है, तो वह ज्यादा दिनों तक भला कैसे जिंदा रह सकते हैं।

आप कितनी सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं?

-अभी हमारी पार्टी के 250 से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। कुछ और प्रत्याशी भी उतारेंगे। पूरब, पश्चिम और मध्य इलाके में हम बेहतर स्थिति में हैं और हम जीतेंगे भी।

आपके टारगेट पर मुख्य रूप से कौन पार्टी है?

-हमारे टारगेट पर सभी पार्टियां और तमाम भ्रष्टाचारी हैं। हम उन्हें नंगा करेंगे ही छोड़ेंगे। लोगों को आप ज्यादा दिनों तक बेवकूफ नहीं बना सकते। हमारे निशाने पर भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस हैं। इन चारों पार्टियों ने सूबे को लूटा है। चारों पार्टियों के नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। अगर ईमानदारी की बात करेंगे, तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि अब तक प्रदेश को केवल भ्रष्ट मुख्यमंत्री ही मिले हैं, केवल मैं ही ईमानदार मुख्यमंत्री रहा हूं।

तो क्या आप फिर मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं?

-ईमानदार को ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए। मुख्यमंत्री पद के जितने उम्मीदवार हैं, उनमें केवल मैं ही हूं, जिसके दामन पर कोई दाग नहीं है। देखिए दो पाले हैं- एक, ईमानदार का और दूसरा बेईमान का। अब जनता को सब कुछ तय करना है।

आप किन्हें भ्रष्ट मुख्यमंत्री कह रहे हैं?

-देखिए, इस प्रदेश में चार लोग, जो पहले टीचर थे, बाद में मुख्यमंत्री बन गए। इसमें मुलायम सिंह, राजनाथ सिंह, मायावती और खुद मैं। आप तीनों मुख्यमंत्रियों की हैसियत देख लीजिए, पता चल जाएगा कि ईमानदार और भ्रष्ट कौन है? मायावती के पास कितना धन है, किसी को पता लगाने से भी नहीं लगेगा। वह खरबों की मालकिन है। राजनाथ सिंह टीचर थे, लेकिन आज करोड़ों के मालिक हैं। क्या कोई टीचर इतने शान-ओ-शौकत से रह सकता है? मुलायम सिंह अरबों में खेल रहे हैं। ये पैसे कहीं से बरसते नहीं, आम लोगों की जेब और सरकारी खजाने से लूटे जाते हैं। फिर इन लोगों को मुख्यमंत्री कैसे बनाया जा सकता है?

लेकिन वोटर तो इन्हीं लोगों के पास है?

-देखिए, झूठ की राजनीति ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती। इस देश की जनता को ज्यादा दिनों तक ठगा नहीं जा सकता। हमारी जनता अनपढ़ जरूर है, लेकिन नासमझ कतई नहीं है। इस बार कई लोगों को अपनी औकात का पता चल जाएगा।

किस पार्टी की सरकार बनेगी और आप किधर जाएंगे?

-फैसला आने दीजिए। अभी कुछ कहना ठीक नहीं है। कई पार्टियां सरकार बनाने का दावा कर रही हैं। रिजल्ट के बाद सब पता चल जाएगा। और, जहां तक हमारे जाने की बात है, वह तो रिजल्ट के बाद देखा जाएगा। लेकिन एक बात तय मानिए, किसी भी पार्टी की सरकार यहां नहीं बनने जा रही है, हैंग परिणाम ही होगे।

आपका चुनावी मुद्दा क्या है?

-हम केवल भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस देश में आज यही सबसे बड़ा मुद्दा है। ऊपर से भले ही आपको दिखाई न दे, लेकिन नीचे से लोग उबल रहे हैं। नेताओं ने प्रदेश को लूट का चारागाह बना दिया है। यही वजह है कि जो पार्टियां भ्रष्टाचार में डूबी हैं, वह भ्रष्टाचार को छोड़ अन्य मुद्दों को ही उछाल रही हैं। जिस पार्टी के नेता ही भ्रष्ट हों, वह सूबे का विकास क्या करेगा और भ्रष्टाचार को कैसे रोक पाएगा?

आपका वोट बैंक क्या है?

-हमारे वोट बैंक जनता हैं। सूबे की जनता हमें वोट देगी। हमें चमत्कारिक परिणाम मिलेंगे। वोट के बाद परिणाम तो आने दीजिए, तब हमारी स्थिति का पता अपने आप चल जाएगा।

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