Tuesday, November 26, 2013

आफत में हरियाणा के तीन लाल

रामदेव, केजरीवाल और तेजपाल

हरियाणा के लालों का दबदबा देश में हमेशा से रहा है। हां, यह बात और है कि कभी राजनीति में अपनी पैठ के लिए जाने जाते थे हरियाणा के लाल, लेकिन आज जो लाल चर्चा में हैं, वे अपने फर्जीवाड़े के लिए जाने जा रहे हैं... 
अखिलेश अखिल
आठवें और नवें दशक में हरियाणा की धरती तीन लालों देवीलाल, बंशीलाल और भजनलाल की राजनीति से अस्त-व्यस्त थी। तीनों लालों की अपनी राजनीति थी  और अपने जातीय समीकरण। कोई किसी से कम नहीं। प्रदेश छोटा होने


के बावजूद तीनों लालों की हुंकार से हरियाणा के साथ ही दिल्ली की राजनीति प्रभावित होती थी। तीनों की राजनीति जब तक रही, केंद्र सरकार में उनकी अहम भूमिका भी बनी रही। तीनों लालों ने कई तरह की राजनीति की भी शुरुआत की, लेकिन अब न तीनों लाल हैं और न तीनों की राजनीति, लेकिन हरियाणा है। हरियाणा है, तो राजनीति रहेगी ही। यह बात और है कि समय-समय पर हरियाणा ने कई मामलों में देश को कुछ नया देने की पहल की है। पुराने तीन लाल गए, तो आज के दौर के तीन नए लाल इस प्रदेश की शान भी हैं और आन भी। इन तीनों की पहचान देश की सीमा से दूर विदेश में भी है, लेकिन सच यह भी है कि जहां नाम होगा, वहां बदनामी भी होगी। आज यही बदनामी शुरू हो गई है। इस प्रदेश से आने वाले आज के तीनों लाल अरविंद केजरीवाल, तरुण तेजपाल और बाबा रामदेव सरकार और समाज के राडार पर चढेÞ हुए हैं। अरविंद केजरीवाल आंदोलन चलाकर दिल्ली की राजनीति को बदलने की कोशिश में लगे हैं, लेकिन चुनाव आयोग से लेकर अपनी पार्टी के कुछ उम्मीदवारों की कथित जालसाजी वाले स्टिंग आॅपरेशन के चलते चर्चा में बने हुए हैं। तरुण तेजपाल को भला कौन नहीं जानता? खोजी पत्रकारिता करने और बड़े- बड़े घोटालों को एक्सपोज करने की वजह से दुनिया भर में नाम कमाने वाले वही तेजपाल इन दिनों बलात्कार के आरोप में कानूनी पचड़े में फंस चुके हैं। बलात्कार का यह आरोप अब तेजपाल को कहां ले जाएगा, कहना मुश्किल है, लेकिन एक सच यह भी है कि तेजपाल की विश्वसनीयता अब पहले वाली नहीं रही। हमारा समाज ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करता। इसी हरियाणा की धरती के एक लाल हैं बाबा रामदेव। दुनिया भर में योगगुरु के रूप में चर्चित रामदेव पर अपने ही गुरु को लापता करने का आरोप है और अरबों की उनकी कंपनी जांच के घेरे में है। रामदेव पर यह सब कार्रवाई तब से शुरू हुई है, जबसे वे राजनीति में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भाजपा को समर्थन देने लगे हैं। आप कह सकते हैं कि हरियाणा के ये तीनों नए लाल आज देश के चर्चित चेहरों में शुमार हो रहे हैं। भले ही चर्चा निगेटिव क्यों न हो?
सबसे पहले शुरुआत करते हैं योगगुरु बाबा रामदेव से। उत्तराखंड सरकार ने रामदेव के खिलाफ 81 मामले दर्ज कराए हैं। फिर आम आदमी पार्टी के सूत्रधार अरविंद केजरीवाल स्टिंग आॅपरेशन के कारण चर्चा में आए। हालांकि इस स्टिंग में भले ही केजरीवाल सीधे न फंसे हों, लेकिन उनकी पार्टी सवालों के घेरे में आ गई। कुछ दिन पहले ही अन्ना की एक वीडियो सीडी और फंड के मामले में वे आरोपों में घिरे थे।   अब महान पत्रकार तरुण तेजपाल का नाम विवादों में आया है। उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है। हरियाणा से जुड़े इन तीनों शख्स पर मौजूदा समय भारी पड़ रहा है। तेजपाल पर महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। 15 मार्च 1963 को जन्मे तरुण तेजपाल के पिता सैन्य अधिकारी थे। बाद में उनके पिता ने हिसार में वकालत की और उनकी माता ने यहां कई साल प्राइवेट स्कूल संचालित किया। तीन साल पहले उनके माता-पिता हिसार से दिल्ली शिफ्ट हुए हैं। हालांकि तरुण तेजपाल का पुराना संबंध अमृतसर से रहा है। उनकी पढ़ाई भी चंडीगढ़ से हुई है। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं लेखक डॉ़  कमलेश भारतीय का कहना है कि तरुण तेजपाल के आचरण से उनके एक आदर्श की मूर्ति खंडित हुई है। कमलेश भारतीय की पुस्तक यादों की धरोहर जल्द बाजार में आने वाली है। भारतीय के अनुसार, तरुण तेजपाल देश के स्टार रिपोर्टर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे एक आदर्श थे, लेकिन ताजा घटनाक्रम से उनका जो चेहरा सामने आया, उससे उन्हें आघात लगा। अब वे अपनी पुस्तक से तरुण तेजपाल के अंश बाहर कर देंगे।
बाबा रामदेव हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव अली सैयदपुर के रहने वाले हैं। बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ के खिलाफ उत्तराखंड सरकार ने एक ही दिन में 81 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें बेनामी जमीन, जमीन के दुरुपयोग, स्टांप चोरी और अवैध कब्जे जैसे मामले हैं। मुकदमे दायर होने के बाद बाबा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि उन्होंने कोई नियम कानून नहीं तोड़ा है। केंद्र सरकार पहले भी अनेक नोटिस भेज चुकी है, जिनके जवाब दिए गए हैं। अब प्रदेश सरकार ने एक साथ जिन नोटिसों की बात कही है, उनका कोर्ट में जवाब दिया जाएगा। स्वामी रामदेव ने कहा कि राज्य में हजारों प्रतिष्ठान खड़े हुए हैं। सरकार को किसी की जांच कराने की याद नहीं आई। कांग्रेस की आंखों में केवल रामदेव खटक रहा है। कालाधन, भ्रष्टाचार और व्यवस्था परिवर्तन का सवाल उन्होंने जिस दिन उठाया था, उस समय मोदी कहीं परिदृश्य में नहीं थे। कांग्रेस   पार्टी उसी दिन से मेरे खिलाफ षडयंत्र में जुट गई थी। यही वजह थी कि दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचते वक्त चार केंद्रीय मंत्रियों ने मेरा स्वागत किया और धोखे से रात में ही तंबू उखड़वा दिया।
 इसी तरह आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल हिसार के हैं। एक स्टिंग आॅपरेशन में उनकी पार्टी के कुछ लोगों पर चंदे के रूप में ब्लैक मनी लेने का आरोप लगा है। केजरीवाल की राजनीति क्या रंग दिखाती है और सरकार केजरीवाल को कहां तक कानूनी पचड़े में लपेटती है, इसे देखना अभी बाकी है, लेकिन हरियाणा के तीन नए लाल की कहानी देश की राजनीति और सामाजिक व्यवस्था में तहलका खड़ा कर रही है।

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