Sunday, November 23, 2014

मोदी की राजनीति कम्यूनल एटीच्यूड वाली- नारायण सान्याल


सीपीआई माओवादी पोलित ब्यूरो के सदस्य पार्टी के केंद्रीय कमेटी के सदस्य रहे नक्सल आंदोलन के थिंक टैंक नारायण सान्याल पिछले दिनों हजारीबाग जेल से नौ साल बाद बेल पर रिहा हुए। उसी रात हमारी मुलाकात सान्याल से हुई। रांची स्टेषन पर चलते चलते उनसे हुई बातचीत के अंष आपके सामने पेष है-
जेल से बाहर आने के बाद कैसा लग रहा है?
बहुत फ्रेस लग रहा है।
आगे की रणनीति क्या है?
ये तो अभी बोलना मुष्किल हैं।जल्दवाजी में बोलना ठीक नहीं।कुछ सोंचना होगा।लोगों से बात करनी हैं। फिर तय करेंगे।
 देष की वर्तमान राजनीति को किस रूप में देख रहे है?
अनडिजीनस पोलिटिक्स देष में चल रहा है।असल में वल्र्डवाईड एक रिसेसन चल रहा है।कैपीटलिज्म में भी इकोनोमिक डेवलपमेंट नहीं है। स्टैगनेषन की स्थिति हैं। बहुत दिनों से डिप्रेसन की हालत हैं। और ऐसा ही इस देष में भी हैं। नेचुरली सोसाइटी में अंधकार की हालत है।कोई सोंच नहीं हैं। कोई फिलासफी नहीं हैं समाज और आर्थिक विकास के बारे में।यही देष की सबसे बड़ी समस्या हैं। और यही समस्या पूरी दुनिया में है।
मोदी की वर्तमान राजनीति को आप किस रूप में देख रहे हैं?
मोदी की राजनीति कम्यूनल एटीच्यूड वाली हैं।वल्र्डवाइड एक राईट डेवलपमेंट की स्थिति बनी हुई है। लैटिन अमेरिका में कुछ लेफ्ट डेवलपमेंट हैं लेकिन पूरी दुनिया में राईट डेवलपमेंट की हालत है। भारत में तो बहुत खराब हालत है।
और बंगाल की राजनीति?
वहां भी राईट डेवलपमेंट हो रहा हैं। भाजपा वहां भी पहुंच रही हैं।ष्यामा प्रसाद मुखर्जी के काल में भी बंगाल में राईट की पहुंच नहीं थी। वहां राईट की कोई आइडियोलाजी नहीं थी। वहां अब राईट  पहुंच रहा है। चीजों को देखना पड़ेगा।
वाम हिंसा को आप जायज मानते है?
कौन सी हिंसा? कैसा विकासअभी जो भी हो रहा है वह बुर्जुआ राजनीति और डेवलपमेंट है।राईट में हिंसा ज्यादा है।लेफ्ट में तो हिंसा ज्यादा नहीं है। जो था वह आज भी है।
लेकिन माओवादी जो हिंसा है?
वह तो षुरू से ही है। माओवादी हिंसा तो कोई न्यू फीचर  नहीं है। अभी तक इसका आईडियोलाजी वही है। arms strugle  की नीति। उसी पर चल रहे है।
 क्या इस नीति में बदलाव की जरूरत नहीं है?
तो क्या arms strugle छोड़ देना चाहिए?
तो क्या हिंसा की राजनीति ठीक है?
क्यों नहीं है?फोर्स इज मदर आफ एनी डेवलपमेंट। अभी जो डेवलपमेंट है वह फोर्स डेवलपमेंट ही है।बिना फोर्स का कोई डेवलपमेंट होता नहीं है।
 ल्ेकिन जिस तरह से आम लोगों, पुलिस के साथ हिंसक घटनाऐं घट रही है उसे कैसे सही माना जा सकता है?
इस पर थोड़ा सोंचना पड़ेगा। अब देखते हैं कि आगे क्या हो सकता है? अभी तो जेल से निकले है।थोड़ा मिलेंगे, बैठेंगे, बात करेंगे फिर निर्णय लेंगे।
 जेल में कितने समय रहे?
 नौ साल।
Jail  में आपकी दिनचर्या?
पढाई करते थे। किताब और अखवार।
2014 के चुनाव पर आपने क्या मनन किया?
यह सब राईट डेवलपमेंट की राजनीति है।भाजपा का पावर में आना राईट डेवलपमेंट ही तो है।अभी तक जो लिबरल बुर्जुया डेवलपमेंट था वह कुछ नहीं कर पाया। करप्षन बढ गया। पीपुल फ्रस्ट्ेटेड हो गए।
कांग्रेस और भाजपा में क्या अंतर है?
बहुत अंतर है। इस पर हम बाद में बात करेंगे?


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