Friday, June 17, 2016

इंतजार खत्म! निकर की जगह संध के मूंगिया फुलपैंट तैयार




अखिलेश  अखिल
अंत में वही हुआ जो होना था। संघ की नीति बदली तो पहनावे भी बदल गए। बोल चाल भी पहले से कुछ ज्यादा ही बदले है। विनम्रता की जगह चाल ढाल में कुछ ऐंठन भी बढा है। हेडगेवार, मुखर्जी और दीनदयाल की सोंच चाहे जो भी रही हो लेकिन बदलते देश  और देश  की रिवाज में ढले भागवत भी बदले हैं। मोदी सरकार के आते ही संघ का यह बदलाव होगा कभी किसरी ने सोंचा तक नहीं था। सब बदल रहा है तो संघ भला क्यों बदले। तो असली खबर यह है कि संध का निकर अब बदल गया है। निकर की जगह मूंगई कलर का फुल पैंट ने लिया है। राजस्थान के  भीलवाड़ा की 8 कंपनियों को 10 लाख फुल पैंट सिलने का ऑर्डर संघ कार्यालय से मिल गया है। मार्च में नागौर में हुई संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में ड्रेस में खाकी निकर की जगह मूंगिया फुल पैंट करने का निर्णय हुआ था।
        भीलवाड़ा शहर की रिको 4 फेज की 8 कपड़ा विविंग ईकाईयों को संघ ने अपने स्वयंसेवकों के लिए  की नई पेन्ट बनाने के लिए 10 लाख मीटर कपडे दिए गए हैं। वहीं, चित्तौड़गढ़ जिले के चैघावड़ी गांव में स्थित टाईटन प्रोसर्स हाउस में इन दिनों इस कपड़े की प्रोसर्सिंग चल रही है। चित्तौघगढ जिले के आकोला में स्वयं सेवक जयप्रकाश के यहां इस पेन्ट की सिलाई की जा रही है। जयप्रकाश को शुरू में 10 हजार पेन्ट सिलने का ऑर्डर मिला है। अभी इनकी सिलाई भी तय नहीं हुई है मगर इनका मानना है कि एक पेन्ट का मुल्य 200 से 300 रूपए के बीच में होगा। संघ की पेन्ट से पहले जयप्रकाश सालाना 50 हजार संघ की निकर सिलने के साथ-साथ संघ की काली टोपी, लंगोट औक सफेद कमीज सीने का पुश्तैनी काम करते हुए आए हैं। जयप्रकाश के पिता भी आरएसएस के स्वंय सेवक हैं। भीलवाड़ा में जिन 8 फैक्ट्रियों में ये कपड़ा बनाया जा रहा है, उन सभी के मालिक संघ विचार धारा से सम्बन्ध रखते हैं और आरएसएस के पदाधिकारी भी हैं। भीलवाड़ा में यह कपडा गोविन्द सोडानी की सत्कार शुटिंग,घानचन्द जैन की सुलजरा शुटिंग,निरंजन करवा की सनसिटी शुटिंग,संजय जैन की अंकुर शुटिंग,मुकुन्द चिरानियां की शुलज शुटिंग और राजेश मुरारका की सुविधा शुटिंग में बनाया जा रहा है। इस कपड़े को प्रोसेस करने वाले प्रोसेर्स हाउस के जनरल मैनजेर वी.के.शर्मा कहते है कि हमें आरएसएस की पेन्टस का 4 लाख मीटर कपड़े का ऑर्डर मिला है जो हम एक महीने में सप्लाई कर देगें। वहीं, 10 हजार पेन्ट सिलने का ऑर्डर मिलने वाले जयप्रकाश टैलर कहते है कि मेरे लिए यह काम मजदूरी से अधिक है, क्योंकि मैं इस विचारधारा से जुड़ा हुआ हूं और इसमें मुझे आनन्द आता है। पहले मैं संघ की निकर सिलता था और अब पेन्ट सिलने लगा हूं।
      स्ंाध के निकर को लेकर कई तरह की बातें होती थी। कहते हैं कि महिलाओं को ढीला ढीला निकर अक्सर परेषान करता था। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री रावड़ी देवी भी इस निकर पर बयान दे चुकी थी। लेकिन किसी के पसंद और नापसंद से भला संघ को क्या लेना देना। संध के मुखिया मोहन भागवत बदलाव के प्रतीक हैं। उन्होने कई बदलाव किए हैं। उनके नेतृत्व में संघ का  सबसे ज्यादा विस्तार भी हो रहा है। नई नीति के तहत युवाओं को संघ से जोड़ना है। युवाओं को निकर से परहेज है। वह आधुनिक कपड़े में दिखना ज्यादा पसंद करता है। निकर के बजाए फुलपैंट युवाओं को भाएगा। कहते हैं कि युवा बदले तो देष बदले। युवाओं को यह मूंगिया पैंट पसंद गया तो तय मानिए संघ का विस्तार अंतहीन होगा। जो मलिाऐं निकर वाले संधी को देखकर मूंह ढके आगे बढती थी अब ष्षायद मूंगिया कलर से लैश  संध शाखा  का आनंद उठाए।

No comments:

Post a Comment