Friday, June 17, 2016

काम नहीं है मैडम ईरानी के बोल

              

अखिलेश अखिल
बिहार के शिक्षा मंत्री  अशोक चैधरी के साथ ट्विटर पर जुबानी जंग के बाद केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी फिर विवादों में हैं। नरेंद्र मोदी सरकार के दो वर्ष के अब तक के कार्यकाल में वे संभवतः सबसे अधिक चर्चाओं में रहने वाली मंत्री रही हैं। डियर शब्द के इस्तेमाल को लेकर बिहार के मंत्री और कांग्रेस नेता अशोक चैधरी के साथ बहस से पहले वे कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी के साथ भी उलझ चुकी है। दरअसल स्मृति ईरानी और कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी के बीच विवाद की शुरुआत कांग्रेस प्रवक्ता की ओर से पिछले माह लिखे गए एक ब्लॉग के बाद हुई। इस ब्लॉग के बाद प्रियंका ट्विटर पर ट्रेंड कर रही थीं। ब्लॉग में उन्होंने कहा है कि ट्विटर पर उन्हें निर्भया की तरह बलात्कार करने की धमकी दी जा रही है। इसी मुद्दे पर एक ट्वीट में कांग्रेस प्रवक्ता को निशाना बनाते हुए लिखा गया था कि जब प्रियंका चतुर्वेदी को ट्रोल किया जाता है तो वह औरत की गरिमा पर हमला होता है लेकिन जब स्मृति ईरानी के खिलाफ जहर उगला जाता है तो उसे स्वीकार कर लिया जाता है। इस बार, ट्वीट वार की शुरुआत प्रियंका की ओर से हुई। उन्होंने ट्वीट किया कि स्मृति ईरानी को मिलने वाली कथित धमकी के बदले जेड सिक्योरिटी मिल जाती है और  मुझे मिली बलात्कार मौत की धमकी की जांच के लिए मैं अभी तक संघर्ष कर रही हूं।
          स्मृति भला कहां पीछे रहतीं। उन्होंने जवाबी ट्वीट दागते हुए प्रियंका को लिखा, मुझे जेड सिक्योरिटी नहीं मिली है मैडम.. प्रियंका का जवाब था मैडम मुझे गृह मंत्रालय के आंतरिक प्रक्रिया के बारे में नहीं पता, मैं तो अखबार की रिपोर्ट के हिसाब से बात कर रही हूं। तो क्या मैं यह समझूं कि आपके पास किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं है? बात खत्म होती नहीं लग रही थी, स्मृति ने जवाब दिया आप मेरी सुरक्षा को लेकर इतनी चिंतित क्यों हैं? कुछ योजना बना रही हैं क्या?
इस पर कांग्रेस प्रवक्ता का जवाब था मेरे पास इतना वक्त नहीं है इसलिए आप इसकी चिंता करें। आप तो कैंपस में एक और बखेड़ा खड़ा करने पर ध्यान लगाइए। स्मृति ईरानी ने फिर जवाब दिया इस काम में तो राहुल जी को महारत हासिल है,अरे नहीं उन्हें तो असम में हारने की योग्यता है। मेरी गलती, आपका दिन शुभ हो। बात प्रियंका के इस ट्वीट पर जाकर खत्म हुई और बार-बार हारने और फिर भी मंत्रालय में जगह पाने में आपको महारत है। आपका दिन भी शुभ हो... हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमूला की खुदकुशी के मामले पर विपक्ष ने स्मृति ईरानी पर जोरदार हमला बोला। इस दौरान बहस का जवाब देते हुए स्मृति ने भावनाओं से भरा भाषण दिया। सोशल मीडिया पर कहीं इस भाषण को सराहा गया तो कहीं पूर्व टीवी अभिनेत्री होने के नाते इसमें भावनाओं को तड़का अधिक और तथ्य कम होने की बात कही गई। जेएनयू में महिषासुर वध के विरोध में आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दलित और पिछड़े वर्ग के छात्र मां दुर्गा का अश्लील चित्रण करते हैं। इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ और विपक्ष ने माफी की मांग
सदन में हल्की-फुल्की नोकझोंक के अवसर उस समय आए जब रोहित वेमुला मामले में बीएसपी प्रमुख मायावती ने स्मृति ईरानी को उस बयान की याद दिलाई जिसमें स्मृति ने कहा था, आप मुझे जवाब देने दीजिये यदि आप संतुष्ट नहीं होंगी तो अपना सिर काटकर उनके चरणों में रख दूंगी।  मायावती ने कहा, मैं  जवाब से संतुष्ट नहीं हूं, अब क्या आप अपना वादा निभाएंगी। इस पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जवाब दिया, मैं बसपा कार्यकर्ताओं से अपील करती हूं कि आएं और मेरा सिर ले जाएं।
अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने वाली स्मृति कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ भी हमलावर तेवर अपनाती  रही हैं। स्मृति ने कहा था, मैंने रोहित वेमुला मामले की बहस के दौरान राहुल गांधी को मुस्कुराते हुए देखा था जबकि यह आरोप मुझ पर लगाया गया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम एक मृत बच्चे के बारे में बात कर रहे थे और वह मुस्कुराते हुए बैठे थे। एक ऐसी लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए जो एक इंसान के तौर पर हमें लांघना नहीं चाहिए। स्मृति के अनुसार, यह मुस्कुराहट दर्शाती है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष के लिए रोहित वेमुला केवल राजनीतिक मोहरा था।
एक अन्य मौके पर स्मृति ने कहा था कि अमेठी संसदीय क्षेत्र में चुनौती देने का बदला लेने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष शिक्षा को युद्ध के मैदान और छात्रों को राजनीतिक औजारश् के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। अमेरिका के प्रतिष्ठित येल यूनिवर्सिटी की भी डिग्री होने का दावा करके स्मृति ईरानी विवादों में उलझ चुकी हैं। वर्ष 2014 में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, , लोग मुझे अनपढ़ कहते हैं, जबकि मेरे पास येल विश्वविद्यालय की भी डिग्री है, जो मैं लाकर दिखा सकती हूं और बता सकती हूं कि कैसे येल ने नेतृत्व क्षमता का जश्न मनाया। स्मृति ईरानी ने  कहा कि उनका मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि बतौर मंत्री उनका प्रदर्शन कैसा रहता है।


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