Wednesday, July 6, 2016

और अनुप्रिया से मात खा गई इरानी.......


और अनुप्रिया से मात खा गई इरानी...
अखिलेश  अखिल
यह राजनीति भी कम ठगनी नहीं है। यह राजनीति भ्रम जाल भी फैलाती है और पलक झपकते भ्रम को तोड़ भी देती है। यही वजह है कि राजनीति को महाठगनी भी कहा जाता है। यह सब इसलिए कहा जा रहा है कि कल तक जो स्मृति इरानी मोदी सरकार में चर्चित चेहरों में षुमार थी अचानक रसातल में भेज दी गई। इरानी के पर कतर दिए गए। उन्हें धकिया दिया गया। मानव संसाधन मंत्रालय उनसे छीन लिया गया और मामूली कपड़ा मंत्रालय देकर उन्हें आराम करते हुए कितने मीटर कपड़े बन रहें हैं और किस किस रंग के कपड़े कितनी कंपनियां बना रही है उसका हिसाब किताब रखने के लिए उन्हें भेज दिया गया है।  इरानी का मानव संसाधन मंत्रालय प्रकाष जावड़ेकर को दे दिया गया है।  राजनीति की यही माया है। कल सुबह 11 बजे 19 नए मंत्रियों को षामिल करने के बाद पूरी राजनीति इस बात पर टिकी थी कि मोदी सरकार कई राज्यों में चुनाव को देखते हुए नए मंत्रियों को शामिल कर रहे हैं ताकि जातीय आधार पर वोट बैंक को साधा जा सके।
    लेकिन  असली राजनीतिक खेल प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार शाम म को लिया जिसमें बड़े स्तर पर मंत्रिमंडल में फेर बदल किया गया।  इस बदलाव में लगभग सारे बड़े मंत्रियों के मंत्रालय में बदलाव किए गए। कइयों के प्रमोश न हुए लेकिन इरानी की सक्रियता को अचानक कम कर दिया गया। माना जा रहा है कि इन तमाम बदलाव के पीछे संघ से राय विचार कर ली गई थी।  संघ भी इरानी को लेकर खुश  नहीं था। माना जा रहा है कि संध पढाई लिखाई और संस्कृति विभाग में कई स्तर पर बदलाव चााह रहा था जो इरानी के बूते की बात नहीं थी। फिर कम पढी लिखी होने के कारण इरानी हमेषा विपक्ष के निषाने पर रही।
     इरानी की सक्रियता को कम करने के पीछे की असली राजनीति अपना दल वाली अनुप्रिया पटेल को लेकर मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि अनुप्रिया, इरानी से भी युवा है और वह जिस कुश वाहा जाति से आती है उस जाति पर उसकी मजबूत पकड़ भी है। उत्तरप्रदेश  में इरानी को राहुल गांघी की राजनीति को समाप्त करने के लिए लगाया गया था जिसमें वह असफल सावित हुई है। माना जा रहा है कि इरानी से कई मामलों में अनुप्रिया ज्यादा वोकल, सषक्त और जातीय गुणा भाग में मजबूत है।   अनुप्रिया के बारे में बताया जा रहा है कि वह काफी पढी लिखी भी है और जातीय राजनीति को साधने में भ्ज्ञी माहिर है। सूत्र बताते हैं कि यूपी चुनाव को देखते हुए जिस तरह कुषवाहा वोट बैंक को साधने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश  कुमार अपना दांव खेल रहे हैं , उस काट के लिए मोदी को पटेल ज्यादा मुफिद मानी जा रही है। अनुप्रिया पटेल को स्वास्थ्य राज्य मंत्री बनाया गया है।

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