Tuesday, November 1, 2016

हरियाणा के तीन नए लाल पुराने लाल पर भारी


अखिलेश अखिल 
तीन नाम।तीन लाल। तीनो हरियाणा  के।  तीनो की अपनी राजनीति ,अपनी शैली।  ये तीनो देश भर में अलख जगा रहे है।  अब पहले वाली बाते नहीं रही।  पहले वाले हरियाणा के तीनो लाल भजनलाल ,देवीलाल और वंशीलाल  भी नहीं रहे। उनकी राजनीति भी नहीं रही।  कभी देश की राजनीति में इन लालो की राजनितिक तूती  बोलती थी।  लेकिन तब हरियाणा  में दलालो की भी कमी नहीं थी।  कहते है की तीनो लालो ने दलाली को खूब सींचा था।  लेकिन अब हरियाणा बदल रहा है।  बदल गया है।  पहले वहा खेती क्रांति ही थी।  देश को हरियाणा पर कृषि को लेकर गर्व था।  लेकिन अब हरियाणा बिजनेश , व्यापार और बौद्धिक जमात में भी सीना ताने   हुए है।  तो हरियाणा बदल गया है।  उसकी पहचान भी बदल गयी है।  पहले के तीन लाल पर आज के तीन लाल भारी पड़ते दिख रहे है।  इन तीनो लालो की बात पूरा देश और पूरी दुनिया सुन रही है। 
        कभी देश में सास्कृतिक बदलाव और आंदोलनकारी राजनीति की राह बनाने वाले राज्यो में बिहार और उत्तरप्रदेश सबसे आगे रहे है।  इन दोनों प्रदेशो ने कई आंदोलन को जन्म दिया।  महाराष्ट्र भी कई आंदोलन की जननी रहा।  लेकिन अब हरियाणा सबसे आगे दिख रहा है।  इसी हरियाणा से बाबा रामदेव भी आते है।  बाबा रामदेव वैसे सीधे राजनीति और आंदोलन से नहीं जुड़ते लेकिन राजनीति को प्रभावित तो कर ही रहे है।  मोदी की राजनीति को बहुत हद तक बाबा रामदेव ने सपोर्ट किया है।  उधर दो और व्यक्ति भी है जो हरियाणा से ही आते है और राजनीति को बहुत हद तक प्रभावित कर रहे है।  अरविन्द केजरीवाल की राजनीति सबके सामने है।  हरियाणवी ने जो कर दिखाया , राजनीति में असंभव लगता है।  केजरीवाल की राजनीति अब एक राज्य से निकल कर कई राज्यो की परिक्रमा कर रही है।  उसी हरियाणा से योगेंद्र यादव भी आते है।  पहले आप की राजनीति और अब स्वराज इंडिया की राजनीति।  पुरे देश में आंदोलनकारी राजनीति मौन है लेकिन हरियाण के ये लाल आंदोलनकारी राजनीति को आगे बढ़ाते दिख रहे है। अगर तीनो के खेल में पूरा देश शामिल हो जाए तो देश का नजारा बदल जाएगा।  भविष्य की राजनीति इन्ही तीनो के हाथ में होगी।  

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