Monday, April 17, 2017

एमसीडी चुनाव के बहाने दिल्ली पर टिकी है नीतीश की निगाहें


अखिलेश अखिल 
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नजरें दिल्ली पर कुछ ज्यादा ही टिकी है।  जदयू के नेता मान रहे हैं कि अन्य राज्यों की अपेक्षा दिल्ली में बिहारी समाज ज्यादा है जहा नीतीश की राजनीति ज्यादा सफल हो सकती है। यही वजह है की जदयू इस बार दिल्ली निगम चुनाव में 113 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।  इस चुनाव के बहाने जदयू अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी में है और पार्टी को उम्मीद है कि  विधान सभा चुनाव में जदयू की राजनीति सफल हो सकती है।  उसका खाता खुल सकता है और केंद्रीय पार्टी की सूचि में जदयू शामिल भी हो सकती है। नितीश कुमार भी चाहते है कि  लोक सभा चुनाव से पहले  पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाए ताकि संभावित गठबंधन में उसकी हैसियत बनी रहे।  यही वजह है कि जदयू ा,एनसीपी के साथ मिलकर गुजरात का चुनाव साथ साथ लड़ने पर एकजुट हो गयी है।  उम्मीद की जा रही है कि गुजरात चुनाव में जदयू को कुछ सीटें मिल सकती है।  इसके अलावे मध्यप्रदेश में भी जदयू अपनी पार्टी इकाई की तैयारी कर रही है ताकि  अगले विधान सभा में  उसे कुछ सीटें हासिल हो सके। 
जदयू के नेताओ का  कहना है कि दिल्ली में विधानसभा के चुनाव समय से पहले भी  हो सकते हैं। निगम चुनावों में अगर आप का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो उसमें तोड़फोड़ होगी और उसके विधायक टूट सकते हैं। 21 विधायकों के खिलाफ चुनाव आयोग में लाभ के पद का मामला लंबित है, जिनकी सदस्यता खत्म हो सकती है। ऐसे में मध्यावधि चुनाव भी संभव हैं। और ऐसा हुआ तो जदयू मजबूती से दिल्ली विधान सभा चुनाव में उतरेगी। 
      दिल्ली निगम चुनाव की पूरी जिम्मेदारी पार्टी नेता संजय झा सम्हाल रहे है और माना जा रहा है की बदरपुर ,बुरारी और संगम विहार जैसे इलाके में जदयू की अच्छी पकड़ है।  यह बात और है कि मोदी की राजनीति के सामने अन्य दलों की राजनीति अभी काफी कमजोर दिख रही है लेकिन बिहारी मतदाताओं में अभी भी नीतीश के प्रति लगाव देखा जा रहा है।  पार्टी को उम्मीद है कि बिहारी मतदाताओं का लगाव अगर वोट में कन्वर्ट हो गया तो संभव है कि जदयू की झोली में नगर निगम की कुछ सीटें आ गिरे।  
       

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