Wednesday, March 28, 2018

लम्पट राजनीति ने बिहार में दंगों की झड़ी लगा दी

अखिलेश अखिल 
बिहार जल रहा है। आतताई लोगों ने बिहार को दंगे में झोंक दिया है। बिहार के ये आतताई किसी न किसी राजनीतिक गिरोह से जुड़े हैं। बिहार की लम्पट राजनीति के ये कर्ता धर्ता है। इन्हे समरसता से चिढ है। हिन्दू -मुस्लिम एकता पर आपत्ति है। दंगा भड़के तो राजनितिक गोलबंदी हो। चुनावी खेल हो। हार जीत का दायरा बढे। साम्प्रदायिक एकता लम्पट राजनीति को नहीं सुहाती। लेकिन इन सबके बीच नीतीश कुमार की सरकार मौन है। सुशासन कुशासन में तब्दील है। बिहार जल रहा है लेकिन सरकार बेफिक्र हो सरकार चलाने का दावा कर रही है। पहले औरंगाबाद जला फिर भागलपुर। अब दंगे की चिंगारी समस्तीपुर और मुंगेर तक पहुँच गयी है। गोलियां तक चल गयी। दर्जन भर से ज्यादा के घायल होने की खबर आ रही है। 
     हालिया दंगे  समस्तीपुर और मुंगेर में हुए हैं। सांप्रदायिक तनाव के बाद भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।  समस्तीपुर के रोसड़ा शहर के गुदरी बाजार में दुर्गा विसर्जन के दौरान हुए दो समुदायों के बीच झड़प में एसएसपी संतोष कुमार समेत कई अन्य जख्मी हो गए। पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है। इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। रोसड़ा बाजार बंद है।  स्कूलों में छुट्टियां दे दी गई। भीड़ ने कई बाइक और साइकिलों को आग के हवाले कर दिया। करीब छह घंटे तक सड़क और रेल सेवा बाधित रहा।  पत्थरबाजी में दलसिंहसराय एसएसपी संतोष कुमार, इंस्पेक्टर नरेश पासवान और रोसड़ा के इंस्पेक्टर बीएन मेहता जख्मी हो गए। उधर पटना में राजनीतिक बयानबाजी जोरों पर है। 
           उधर ,मुंगेर के रिफ्यूजी कॉलोनी में चैती दुर्गा के विसर्जन के दौरान मंगलवार को दूसरे समुदाय के लोगों ने प्रतिमा ले जाने का कथित तौर पर विरोध किया। यह विरोध क्यों हुआ कौन बताये। पहले कभी ऐसा विरोध नहीं हुआ था।  किसी तरह दोनों समुदायों को समझाने के बाद मामला शांत हुआ।  लेकिन दोबारा प्रतिमा को लेकर निकलने के बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने पीछे से ईंट चलाना शुरू कर दिया।  इसके बाद दोनों तरफ से पत्थरबाजी हुई, गोलियां भी चली।  इस झड़प में 8-10 लोग घायल हो गए।  मौके पर पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। प्रशासन ने बुधवार को भी फ्लैग मार्च किया। 
            आपको बता दें कि राज्य में हुए हालिया सांप्रदायिक तनाव को लेकर आरजेडी-कांग्रेस नीतीश सरकार पर सवाल उठा रही है। सरकार और विपक्ष में कहासुनी हो रही है। सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोप जारी है। एक दूसरे को नीचा दिखाने का खेल चल रहा है।  आरजेडी का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी के दबाव की वजह से दंगा के मामले में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उधर सरकार विपक्ष पर आरोप लगा रही है। बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ''मेरी बिहार की अमनपसंद और न्यायप्रिय जनता से विनम्र विनती है कि राज्य में शांति और सद्भाव का माहौल बनाए रखें।  सभी एनडीए, दंगाईयों और उपद्रवियों के ज़हरीले डिज़ाइन से बचकर रहें.''उन्होंने कहा, ''मेरी बिहार के दलित, पिछड़े और अकलियत के भाइयों से करबद्ध प्रार्थना है कि वो सामंतवादियों का मोहरा बनने से बचें।  वो सभी पिछड़े और दलित हिंदुओं को हिंदू-मुसलमान में बांटकर सत्ता पर कब्जा जमाए रखने की कोशिश करेंगे. आप सावधान रहिए। ''

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