Wednesday, March 28, 2018

और संसद में बिना कुछ बोले रिटायर हो गए सचिन और रेखा

अखिलेश अखिल 
अपनी अदा ,डायलॉग डिलीवरी और कातिल निगाहों से फ़िल्मी परदे पर सबको घायल कर देने वाली महान अभिनेत्री रेखा जब राज्य सभा में पहुंची थी तब नेताओं के बीच कानाफूसी चलती थी। रेखा को देख कर नेता दंग थे और मर्माहित भी। फ़िल्मी परदे पर दिखने वाली रेखा उनके सामने थी। रेखा के पांच साल गुजर गए संसद में। अब वे रिटायर भी हो रही है। लेकिन उनकी आवाज संसद की दीवारों में पैबस्त नहीं हो सकी। उनकी आवाज सुनने को नेता भी तरस गए। पिछले पांच साल में रेखा ने एक सवाल नहीं पूछा। अपनी जुवां तक नहीं खोली। कह सकते हैं कि  संसद में बिना कोई सवाल किये ही रिटायर हो गयी। 
       उधर मासटर ब्लास्टर रहे सचिन तेंदुलकर भी संसद में बिना सवाल पूछे रिटायर हो गए। क्रिकेट के मैदान में गेंद और बल्ले की सनसनाहट से जहां पूरी दुनिया चौंक जाती थी वही संसद में उनकी आवाज सदन के लोग नहीं सुन पाए।सचिन तेंदुलकर के नाम क्रिकेटर के तौर पर भले ही कई रिकॉर्ड दर्ज हों लेकिन वे राज्यसभा में बिना कोई रिकॉर्ड बनाए रिटायर हो रहे हैं। अप्रैल में सचिन की राज्यसभा की पारी खत्म हो जाएगी। वे सदन में एक बार भी नहीं बोले। 

         सचिन तेंदुलकर 27 अप्रैल 2012 को राज्यसभा के लिए मनोनीत हुए थे। पिछले शीतसत्र में वे कुछ बोलना चाहते थे लेकिन हंगामे के कारण बोल नहीं सके। उनकी अटेंडेंस भी राज्यसभा में 8% ही रही। सचिन, रेखा के अलावा सपा सांसद जया बच्चन, अनु आगा भी इस बार रिटायर होने वाली हैं। तेलुगू फिल्मों के सितारे चिरंजीवी,भाजपा के भूपेंद्र यादव, कांग्रेस की रेणुका चौधरी, अभिषेक मनु सिंघवी और प्रमोद तिवारी, बीजू जनता दल के सांसद बने पूर्व हॉकी खिलाड़ी दिलीप टिर्की, भाजपा के पुरुषोत्तम रुपाला और विनय कटियार का कार्यकाल भी अप्रैल में ही समाप्त हो रहा है। सपा के नरेश अग्रवाल और कांग्रेस के राजीव शुक्ला का भी कार्यकाल भी खत्म हो रहा है।
          राज्यसभा में अभिनेत्री रेखा ने 27 अप्रैल 2012 को कदम रखा था लेकिन उन्होंने अपने अब तक के पूरे कार्यकाल में कोई सवाल नहीं पूछा। इतना ही नहीं उनकी हाजिरी 78% राष्ट्रीय औसत के मुकाबले केवल 5% रही।

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