Monday, April 2, 2018

जानिये सपा -बसपा में सीटों पर कैसे बनी सहमति

अखिलेश अखिल  
सपा बसपा के बीच सीटों की सहमति बन जाने की खबर मिल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताविक अखिलेश यादव ने बसपा को 35 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने को कहा है जबकि सपा 30 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 15 सीटें कांग्रेस और रालोद को देने की बात सामने आ रही है। खबर मिल रही है कि मायावती ने भी सीटों के इस अंकगणित को स्वीकार कर लिया है। माना जा रहा है कि 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती है और उस दिन मायावती अपने काडर को सपा के साथ सहयोग करने का संदेश देंगी। बसपा के सूत्रों ने बताया है कि मई माह में पार्टी की अहम बैठक होनी है जिसके बाद जून में ईद के दिन महागठबंधन के बीच हुए समझौते का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। इससे पहले बसपा ,सपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बैठक भी होगी। अभी तक रालोद को गठबंशान में शामिल नहीं होने की बात भी सामने आयी है लेकिन सूत्रों के मुताविक रालोद को गठबन्धन में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। रालोद का मामला सीटों को लेकर फसा हुआ है। सपा से जुड़े एक नेता का कहना है कि सीटों का यह बटवारा पिछले 2014 के चुनाव के आधार पर किया गया है। 2014 के चुनाव में सपा ने 5 सीटें जीती थी जबकि वह 31 सीटों पर दीसरे स्थान पर थी इसी प्रकार बसपा को हालांकि एक सीट पर भी जीत नहीं मिली थी लेकिन वह 34 सीटों पर दूसरे स्थान पर थी। कांग्रेस 2 सीटें जीत पायी थी जबकि रालोद कोई सीट नहीं जीत पायी थी। खबर यह भी मिल रही है कि मायावती इस बार लोकसभा चुनाव लड़ेगी। बिजनौर या फिर अम्बेडकरनगर सीट से वह चुनाव लड़ सकती है। 
        लेकिन इसी बीच एक चौंकाने वाली खबर भी मिल रही है। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव इस बार कनौज सीट से चुनाव लड़ेंगे। अभी वर्तमान में उनकी पत्नी डिम्पल यादव कनौज की सांसद है लेकिन खबर मिल रही है कि इस बार डिम्पल यादव चुनाव नहीं लड़ेंगी। बता दें कि अखिलेश यादव कनौज से भी चुनाव जीत चुके हैं। 
       सूत्रों की मानें तो सपा और बसपा की ओर से इस साल अगस्त माह तक अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी जायेगी जिससे उन्हें अपने क्षेत्र की जनता से ज्यादा से ज्यादा संपर्क के लिए समय मिल सके।

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